WBC – खून में डब्ल्यूबीसी बढ़ने से क्या होता है?

एक स्वस्थ शरीर में सफेद रक्त पेशी (White Blodd Cell) स्वस्थ्य शरीर में 4 से 10 हजार के बीच होती है। वहीं अगर इसकी जगह कैंसरकारी WBC की संख्या बढ़ जाएं, तो वह कैंसर का कारण बनता है। ब्लड कैंसर 3 प्रकार का होता है। ब्लड कैंसर के य़े लक्षण है।

श्वेत रक्त कोशिका

स़फेद रक्त कोशिकाओं के प्रकार

  • लिम्फोसाइटः ये शरीर में ऐसे एंटीबॉडी के निर्माण में अहम् भूमिका निभाती हैं, जो आंतों के कीड़े जैसे बड़े परजीवी, बैक्टीरिया, वायरस आदि से शरीर की रक्षा करती हैं.
  •  न्यूट्रोफिलः ये शक्तिशाली स़फेद रक्त कोशिकाएं बैक्टीरिया और कवक को नष्ट करके शरीर की रोगों से रक्षा करती हैं.
  • बेसोफिलः ये कोशिकाएं रक्त प्रवाह में रसायनों का स्राव करके शरीर को संक्रमण के प्रति सतर्क करती हैं, साथ ही एलर्जी से लड़ने में भी मदद करती हैं.
  • एओसिनोफिलः ये कोशिकाएं परजीवी और कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए ज़िम्मेदार होती हैं.
  •  मोनोसाइटः ये कोशिकाएं शरीर में प्रवेश करने वाले रोगाणुओं या जीवाणुओं पर हमला करने और उन्हें नष्ट करने के लिए ज़िम्मेदार होती हैं.

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खून में WBC बढ़ने के लक्षण

  • तेज़ बुखार, बदन दर्द.
  • खांसी और गले में ख़राश.
  • सांस लेने में तकलीफ़.
  • वज़न कम होना.
  • ठंड लगना या पसीना आना.
  • सूजन और लाल चकत्ते.
  • मुंह में छाले.

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क्यों घटती है इनकी संख्या?

जब शरीर में व्हाइट ब्लड सेल्स यानी स़फेद रक्त कोशिकाओं की संख्या बेहद कम हो जाती है, तो व्यक्ति को ल्यूकोपेनिया नामक समस्या हो जाती है. ऐसे में शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है और एड्स, कैंसर व हेपेटाइटिस जैसे गंभीर रोगों के होने का ख़तरा बढ़ जाता है. आमतौर पर इन कोशिकाओं की संख्या में गिरावट के पीछे निम्न कारण हो सकते हैं.

  • एचआईवी.
  • ऑटोइम्यून डिसऑर्डर.
  • विषाणु संक्रमण.
  • जन्मजात विकार.
  • कैंसर.
  • एंटीबायोटिक दवाएं.
  • ख़राब पोषण.
  • शराब का सेवन.
  • रेडिएशन थेरेपी.

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WBC घटाने के उपाय

जिंक की कमी से ही सफेद रक्त कोशिकाओं में कमी आती है, जबकि जिंक युक्त आहार का सेवन व्हाइट ब्‍लड सेल्स की संख्या बढ़ाने में मददगार है। इसलिए जितना अधि‍क हो सके, अपने आहार में जिंक को शामिल करें। रोजाना दही का सेवन करने से व्हाइट ब्‍लड सेल की संख्या बढ़ने के साथ ही प्रतिरोध‍क क्षमता भी बढ़ती है।

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WBC बढ़ने के नुकसान

एक स्वस्थ शरीर में सफेद रक्त पेशी(White Blodd Cell) स्वस्थ्य शरीर में 4 से 10 हजार के बीच होती है। वहीं अगर इसकी जगह कैंसरकारी WBC की संख्या बढ़ जाएं, तो वह कैंसर का कारण बनता है।

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ऐसे करें संतुलित

कॉपर- शरीर में कॉपर की कमी होने पर स़फेद रक्त कोशिकाओं का संतुलन बिगड़ सकता है और इनकी संख्या में गिरावट आ सकती है. इसे संतुलित करने के लिए कॉपर सप्लीमेंट के साथ-साथ मांस, हरी पत्तेदार सब्ज़ियों और अनाज का सेवन फ़ायदेमंद रहेगा.

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श्वेत रक्त कोशिकाओं की मात्रा बढ़ाने के तरिके

लैवंडर ऑयल:-

लैवंडर ऑयल का इस्तेमाल अक्सर तनाव और चिंता मुक्त करने एवं अच्छी नींद लेने के लिए उपयोग किया जाता है इसके साथ ही लैवंडर डब्ल्यूबीसी अकाउंट को बढ़ाने में भी सक्षम है इसके लिए आपको किसी भी अन्य 60ml ऑयल में 20 बूंदे लैवेंडर ऑइल की मिलाकर पूरे शरीर मालिश करें।

लहसुन:-

सबसे पहले तो बताना चाहेंगे कि लहसुन में एंटी इन्फ्लेमेटरी और इम्यूनोमोडायलेटरी गुण पाए जाते हैं, जो सफेद रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को उत्तेजित करके आपकी प्रतिरक्षा को बढ़ावा देता है| इसके साथ ही इसमें लिंफोसाइट्स, इसीनोफिल्स और मैक्रोफेज शामिल है लहसुन का सेवन आप खाने-पीने की चीजों में और कच्चा भी सेवन कर सकते हैं।

पालक:-

आप तो जानते ही हैं कि पलक का सेवन करना सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद है पालक में विटामिन ए, सी और मौजूद होता है जो सफेद रक्त कोशिकाओं की संख्या बढ़ाने में बेहद सहायक है पालक का सेवन सलाद के रूप में भी कर सकते हैं अगर आप प्रतिदिन पालक का सेवन करते हैं, तो यह शरीर के लिए बेहद फायदेमंद है।

पपीते के पत्ते:-

सफेद रक्त कोशिकाओं की संख्या को बढ़ाने में पपीते के पत्ते भी काफी सहायक है पपीते के पत्तों में एसितोजेनिन होते हैं, जो सफेद रक्त कोशिकाओं को बढ़ाने में कार्य करते है इसके साथ ही पपीते के पत्तों का सेवन करने से डेंगू बुखार से छुटकारा पाया जा सकता है पपीते के पत्तों का सेवन जूस बनाकर कर सकते हैं।

दही:-

सफेद रक्त कोशिकाओं की संख्या को बढ़ाने के लिए दही का सेवन करना भी बेहद फायदेमंद है बताना चाहेंगे कि दही में पाए जाने वाले प्रोबोयोटिक्स प्रतिरक्षा को बढ़ाते हैं इसके साथ ही दही में कई उत्तेजक गुण भी होते हैं जो सफेद रक्त कोशिकाओं को बढ़ाने का कार्य करता है प्रतिदिन 1 कटोरी दही का सेवन करना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद रहता है।  

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