थायराइड क्या होता है? इसके लक्षण और बचाव देखिये क्या क्या है ?(what is thyroid)

what is thyroid :-थायराइड किसी रोग का नाम नहीं है बल्कि एक ग्रंथि का नाम है जिसकी वजह से ये रोग होता है। आमतौर भाषा में लोग इसे थायराइड  ही कहते है।

थायराइड क्या होता है?

(Thyroid Kya Hai) थायराइड किसी रोग का नाम नहीं है। बल्कि एक ग्रंथि का नाम है। जिसकी वजह से ये रोग होता है। आमतौर भाषा में लोग इसे थायराइड ही कहते है। यह ग्रंथि एडमस एप्पल के ठीक नीचे होती है। ये ग्रंथि दो प्रकार के हार्मोन बनाती है एक टी3 जिसे ट्राई-आयोडो-थायरोनिन कहते है और दूसरी टी4 जिसे थायरॉक्सिन कहते है। इससे निकलने वाले दोनों हार्मोन असंतुलित हो जाते है तो थायराइड की समस्या हो जाती है।

थायराइड दो प्रकार की होती है।

  • एक हाइपरथायरायडिज्म
  • दूसरा हाइपोथायरायडिज्म

एक हाइपरथायरायडिज्म

इसमें जरूरत से ज्यादा हार्मोन बन जाते है तो इससे हार्मोन असंतुलित हो जाते है।

दूसरा हाइपोथायरायडिज्म

इसमें जरूरत से कम हार्मोन बन पाते है तो हार्मोन असंतुलित हो जाते है।

थायराइड की समस्याएं क्या होती है?

इस ग्रंथि से पैदा होने वाले हार्मोन शरीर में होने वाले सभी मेटाबोलिक प्रक्रियाओं को एफेक्ट करता है। थाइराइड से घेंघा जैसी छोटी बीमारी से लेकर कैंसर तक हो सकता है।

थाइराइड के लक्षण

अक्सर इस बीमारी के लक्षण साफ नहीं होते और अन्य दूसरी बीमारियों से मिलते जुलते होते है।
  • चिंता, घबराहट और चिड़चिड़ापन
  • भूख बढ़ने के बावजूद वजन का कम होना
  • हाथों का कांपना
  • पसीना आना
  • त्वचा का पतला होना
  • दस्त लगना
  • सोने में दिक्कत होना
  • दोहरी दृष्टि की समस्या होना
  • आँखों का बाहर निकलना
  • बालों की समस्या जैसे की टूटना, पतला होना और झड़ना
  • दिल की धड़कन का सामान्य न होना, खासतौर से वृद्ध लोगों में
  • Menstrual cycle में बदलाव होना, periods की frequency कम होना
  • मांसपेशियों में कमजोरी, विशेष रूप से जांघों और ऊपरी बाहों में

थायराइड का इलाज

सबसे पहले जब आप अपने शरीर की जांच करवाते है तो डॉक्टर इसके लक्षणों द्वारा इसकी पहचान करता है। अगर डॉक्टर को थायराइड की सम्भावना लगती है तो इसके बाद वो टी3, टी4 और टीएसएच हार्मोन की जांच करता है। इसके अलावा अल्ट्रासाउंड और एंटी थायराइड टेस्ट से भी इसका पता लगाया जा सकता है। इसका इलाज आपकी उम्र, सेहत आदि देख कर किया जाता है। थायराइड का इलाज एंटी थायराइड दवाई, सर्जरी आदि से किया जाता है।

थायराइड की समस्या को दूर करने के लिए घरेलु उपचार क्या है

  • लौकी के रस में तुलसी के पत्ते मिलाकर पीये। थायराइड की समस्या दूर होगी।
  • खानो में अधिक मछली का तेल इस्तेमाल करे क्योकि मछली के तेल में ओमेगा फैटि तत्व होता है।
  • सेब का सिरका खाना चाहिए क्योकि सेब के सिरके में अल्काइन एसिड होता है जो उच्च रक्तचाप में मदद करता है।
  • अदरक की चाय में शहद मिलाकर पीये इससे बहुत आराम मिलेगा। अदरक में पोटैशियम, जिक जैसे तत्व होते है जो थायराइड की समस्या को कम करते है।
  • हरी धनिया की चटनी भोजन में मिलाकर इसका सेवन करे जिससे पाचनक्रिया अछि रहेगी तो थायराइड की समस्या उत्पन्न नहीं होगी।
  • योगा में प्राणायाम आसान थायराइड के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। क्योकि यह आसान उज्जायी गले पर केंद्रित होता है और साथ में सूर्य नमस्कार भी कर सकते है।
  • यदि किसी ऊतक की मिक्रोस्कोपिक और बायोप्सी के बाद गांठ की पहचान ठीक से नहीं हो पाती है तो चिकिस्तक थायरोडेक्टॉमी करवाने की सलाह दे सकते है। थायरोडेक्टॉमी से आसानी से कैंसर का पता लगाया जा सकता है।

थायराइड में क्या खाना चाहिए और क्या खाने से परहेज करना चाहिए

  • थायराइड में आयरन,कापरयुक्त पदार्थ का सेवन अधिक करना चाहिए। जैसे: लहसुन,प्याज,मशरूम, मुलेठी पोषक तत्व थायराइड को संतुलित करते है।
  • नारियल तेल में भोजन बनाकर खाये व दही को कम मात्रा में खाये और पनीर, टमाटर, हरी – सब्जिया, विटामिन A वाले पोषक तत्व अधिक खाये।
  • थायराइड में धूम्रपान करने से बचे व मैदे वाली बानी चीजे, बंद फूलगोभी, ब्रोक्रोली, चाय, कॉफी,चिकन,मटन,अधिक मिर्च मसाला, मलाई, नमकीन, बिस्कुट, मिठाई, चावल,सफ़ेद नमक इत्यादि खाने से बचे।

थायराइड बढ़ने से क्या परेशानी होती हैं

थायराइड  बढ़ने से निम्न परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। जैसे थायराइड के लक्षण में सबसे अहम चीज वजन घटना या वजन बढऩा ही है। इसके अलावा अनिंद्रा, ज्यादा प्यास लगना, ज्यादा पसीना, हाथ कांपना, दिल का तेजी से धड़कना, कमजोरी एंव चिंता आदि हो सकता हैं।

थायराइड कैसे ठीक होगा

थायराइड को ठीक करने के लिए निम्न सावधानी रख सकते है।
  • बहुत सारे रसायन थायराइड हार्मोन के उत्पादन को बदल सकते हैं। किसी भी तरह के प्रोसेस्ड फूड से बचने की जरूरत है; वे थायरॉयड विकार के किनारे पर हैं। इसके बदले आप स्वस्थ भोजन कर सकते है जो शरीर के लिए फायदेमंद होते है।
  • सोया के सेवन को सीमित करें क्योंकि यह हार्मोन उत्पादन को बदल देता है।
  • धूम्रपान के दौरान निकलने वाले विषाक्त पदार्थ थायरॉयड ग्रंथि को संवेदनशील बना सकते हैं जिससे थायरॉइड विकार हो सकते हैं। यदि विकार पहले से है तो और बढ़ा सकते है।
  • तनाव थायरॉयड रोग सहित कई स्वास्थ्य विकारों में प्रमुख योगदानकर्ताओं में से एक है। इसलिए जितना हो सके तनाव से दूर रहने की कोशिश करें। आप तनाव कम करने के लिए सुबह योगा और व्यायाम का सहारा ले सकते है।

थायराइड को जड़ से खत्म करने के लिए क्या करें

थायराइड को जड़ से खत्म करने के लिए अपने चिकिस्तक द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करे। इसके अलावा कुछ घरेलु उपचार के उपयोग से थायराइड को जड़ से खत्म करने में मदद हो सकती है। जैसे अश्वगंधा हार्मोन्स के असंतुलन को दूर करने में लाभदायक होता है इसलिए अश्वगंधा चूर्ण के सेवन करने से थायराइड को ठीक कर सकते है। इसके लिए अश्वगंधा चूर्ण को एक चम्मच गाय के दूध में मिलाकर रात को सोने से पहले ले।

प्रेगनेंसी में थायराइड होने से क्या होता हैं

प्रेगनेंसी में थायराइड होने से बहुत से जोखिम का सामना करना पड़ता है। थायराइड ग्रंथि हार्मोन असामान्य होने से शिशु के मानसिक व शारीरिक विकास में समस्या उत्पन्न हो जाती है। इसके अलावा शिशु का जन्म समय से पहले हो सकता है। प्रेगनेंसी में थायराइड होने से महिला का वजन बढ़ सकता है या दिल की धड़कने की गति बढ़ सकती है। इसलिए गर्भवती होने पर थायराइड की जांच जरूर करवाना चाहिए।

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