अक्टूबर में कौनसी सब्जिया व किस्मे उगाये – Vegetables and Varieties

vegetables and varieties – आज आपको  है की अक्टूबर में कौनसी सब्जिया व किस्मे उगाये सर्दी का मौसम आ रहा है। हरी पत्तेदार सब्जियों के साथ ही बाजार में मौसमी फलों की मांग बढ़ने लगती है। vegetables and varieties ऐसे में हरी सब्जियों की बुवाई अक्टूबर के पहले सप्ताह में ही शुरू कर देनी चाहिए। दरअसल, सर्दियों के लिए हरी और पौष्टिक सब्जियां बोने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर है। अगर आप किचन गार्डनिंग करते हैं तो आज से ही सर्दी के मौसम के लिए हरी सब्जियां लगाने की तैयारी शुरू कर दें। यह पोस्ट आपको हिंदी में बताने जा रहा हु यह पोस्ट आप अंत तक जरूर देखे vegetables and varieties |

vegetables and varieties

अक्टूबर में कौनसी सब्जिया व किस्मे उगाये

अक्टूबर के महीने पाए जाने वाली सब्जिया

1.आलू

आलू अक्टूबर के महीने पाए जाने वाली सब्जि है आलू के खेत में बीजों का चयन सबसे महत्वपूर्ण होता है। खेत की तैयारी के बाद सबसे महत्वपूर्ण बात अच्छी गुणवत्ता वाले रोग मुक्त बीजों का चयन करना है vegetables and varieties।

आलू उगाते समय यह बात ध्यान रखें

  •  पौधों के बीच की दूरी लगभग 20 से 25 सेमी होनी चाहिए।
  • बुवाई के लिए 25-25 मिमी से 45 मिमी का बीज पैदा करना चाहिए।
  • आलू के खेत में अधिक मात्रा में पानी ना डालें

2.गाजर

गाजर अक्टूबर के महीने पाए जाने वाली सब्जि है मैदानी इलाकों में एशियाई क़िस्मों की बुवाई अगस्त से अक्टूबर तक और यूरोपियन क़िस्मों की बुवाई अक्टूबर से नवम्बर से करते हैं vegetables and varieties.

गाजर उगाते समय यह बात ध्यान रखें

  • एक हेक्टेयर क्षेत्र के लिए 6-8 किलो बीज की आवश्यकता होती है।
  • इसे या तो छोटे समतल क्यारियों में बोया जाता है।
  • बुवाई के समय खेत में पर्याप्त नमी होनी चाहिए
  • गर्मियों में 4 से 5 दिन के अंतराल पर सिंचाई करनी चाहिएI

3.मटर

यह ठंडी जलवायु वाली फसल है। इसकी हरी फलियों का उपयोग सब्जी बनाने में और सूखी फलियों का प्रयोग दाल बनाने में किया जाता है। यह फसल हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक और बिहार में उगाई जाती है। यह प्रोटीन और अमीनो एसिड का अच्छा स्रोत है। इस फसल का उपयोग पशुओं के चारे के रूप में भी किया जाता है vegetables and varieties।

मटर उगाते समय यह बात ध्यान रखें

  • अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए अक्टूबर के अंत से मध्य नवंबर के बीच बुवाई पूरी करें
  • बीज को मिट्टी में 2-3 सैं.मी. गहरा बोयें।
  • बिजाई के लिए 35-40 किलोग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें।
  • बुवाई के बाद एक या दो सिंचाई की आवश्यकता होती है।

4.टमाटर

टमाटर का पौधा अत्यधिक ठंड और उच्च आर्द्रता को सहन करने में सक्षम नहीं है। कभी-कभी प्रतिकूल मौसम के कारण फसल प्रभावित होती है। उच्च या निम्न तापमान के कारण इसकी वृद्धि धीमी हो जाती है, हम टमाटर में भी लगभग दो किस्में देखते हैं, सामान्य किस्में और संकर किस्में vegetables and varieties|

टमाटर उगाते समय यह बात ध्यान रखें

  • खेत को 3-4 बार जोतकर अच्छी तरह तैयार कर लें।
  • कमजोर खेत में दूरी कम रखें। पौधों की औसत दूरी 60 से 70 सेंमी. दोनों ओर से रखें।
  • टमाटर में 15-20 दिनों पर सिंचाई करें।
  • प्रतिरोपण के 35-40 दिन बाद खरपतवार नियन्त्रण बहुत जरूरी है

5.करेला

करेला एक महत्वपूर्ण सब्जी फसल है। करेले की खेती इसके अपरिपक्व कंद वाले फलों के लिए की जाती है, जिनमें एक अनोखा कड़वा स्वाद होता है। करेले को दुनिया के अन्य हिस्सों में कड़वे तरबूज के रूप में भी जाना जाता है। वहीं यह भारत की सबसे लोकप्रिय सब्जियों में से एक है। जिसकी पूरे भारत में बड़े पैमाने पर खेती की जाती है। साथ ही इसमें अच्छे औषधीय गुण भी पाए जाते हैं। इसके फलों में विटामिन और मिनरल भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं vegetables and varieties।

करेला उगाते समय यह बात ध्यान रखें

  • करेले की अच्छी उत्पादन के लिए गर्म और आद्र जलवायु अत्याधिक उपयुक्त होती है. करेला फसल की बढाव के लिए इसका तापमान न्यूनतम 20 डिग्री सेंटीग्रेट और अधिकतम तापमान 35 से 40 डिग्री सेंटीग्रेट के बीच होना चाहिए.
  • करेले में प्रति एकड़ लगभग 500 ग्राम बीज लगते हैं।
  • पौधे से पौधे की दूरी 500 सेमी, नाले से नाले के बीच की दूरी लगभग 2 मीटर और नाले की ऊंचाई 500 सेमी तक होनी चाहिए।

यह भी देखे :- अक्टूबर में कौनसी फसल उगाये?(Crop in October) – बीज की अच्छी किस्म

6.पालक

vegetables and varieties पालक औसत मिट्टी में अच्छी तरह से विकसित हो सकता है, लेकिन यह कार्बनिक पदार्थों से भरपूर मिट्टी में सबसे अच्छा विकसित होगा। सामान्य तौर पर, पालक उगाते समय मिट्टी का प्रकार और पीएच शायद ही कभी प्रतिबंधात्मक कारक बनते हैं। हालांकि, कई किसानों ने बताया है कि पालक 6,5 से 6,8 पीएच के साथ रेतीली दोमट मिट्टी में सबसे अच्छा बढ़ता है। फास्फोरस की गंभीर कमी होने पर किसान बीज बोने से कुछ दिन पहले 50 किलो प्रति हेक्टेयर की दर से पी2ओ5 डाल सकते हैं। ध्यान रखें कि हर खेत और उसकी जरूरतें अलग-अलग होती हैं। किसान रोपण से पहले मिट्टी का विश्लेषण करें। वे खेत की तैयारी के लिए तार्किक योजना बनाने के लिए स्थानीय लाइसेंस प्राप्त कृषि विज्ञानी से भी परामर्श कर सकते हैं। नाइट्रोजन के स्तर में सुधार के लिए, कुछ किसान अच्छी तरह सड़ी हुई खाद भी डालते हैं और बीज बोने से पहले खेत की जुताई करते हैं। हालांकि, ध्यान रखें कि ये केवल कुछ सामान्य पैटर्न हैं जिनका आपको अपना शोध किए बिना पालन नहीं करना चाहिए vegetables and varieties।

पालक उगाते समय यह बात ध्यान रखें

  • बीजारोपण की दर: प्रति हेक्टेयर 40 से 60 पाउंड (20 से 30 किग्रा) बीज।
  • बीजों का अंकुरण 41-68 °F (5 से 20 °C) तापमान में बेहतर होगा।
  • पालक के बीजों को 1 इंच (1 से 2.5 सेंटीमीटर) गहरी, हल्की मिट्टी से ढककर लगाने की जरूरत है।
  • पौधों के बीच की जगह: पंक्तियों के बीच 7-11 इंच (20-30 सेमी) और एक पंक्ति में पौधों के बीच 3-6 इंच (7-15 सेमी)।
  • पालक के बीज बोने के तुरंत बाद किसान खेत की सिंचाई करें।
  • पालक की फसल में नियमित लेकिन ज्यादा पानी न देने से मिट्टी नम बनी रहती है।

लहसुन

प्याज के साथ-साथ लहसुन का इस्तेमाल लगभग हर सब्जी में भी किया जाता है। सबसे अच्छी बात यह है कि आप इसे लहसुन की जड़ से भी उगा सकते हैं। लहसुन अक्टूबर या नवंबर में उगाया जाता है vegetables and varieties।

लहसुन  उगाते समय यह बात ध्यान रखें

  • लहसुन को पोली मिटी में लगाए
  • ज़रूरत के हिसाब से पानी दें।
  • लहसुन में गोवर की खाद डाले
  • लहसुन को दूर दूर लगाए

यह भी देखे :- सरसो की खेती कैसे करें? बुआई से कटाई तक – Mustard Cultivation

अंतिम शब्द

आज आपको इस पोस्ट में बताया है की अक्टूबर में कौनसी सब्जिया व किस्मे उगाये हम आसा करते है की यह पोस्ट आपको पसंद आई होगी यह पोस्ट आपने दोस्तों को जरूर सेयर करे और कमेंट करना न भूले vegetables and varieties|

 

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