खसखस – फायदे और उपयोग – Poppy Seeds in Hindi

Poppy Seeds :- बहुत से लोग खसखस के बारे में ज्यादा नहीं जानते हैं, इसलिए शायद आप खसखस के फायदों के बारे में ज्यादा नहीं जानते होंगे। खसखस का उपयोग औषधि के रूप में किया जाता है। खसखस के तेल से साबुन, परफ्यूम आदि बनाए जाते हैं। इसके अलावा खसखस (Poppy Seeds) के और भी फायदे हैं।

Poppy Seeds

खसखस – Poppy Seeds

खसखस (Poppy Seeds) एक औषधि है। खसखस न केवल औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता है, बल्कि इसके पौधे की जड़ से पर्दे, पंखे आदि भी बनाए जाते हैं। खसखस का सेवन उल्टी, जलन, शुक्राणु विकार, पित्त विकार आदि में किया जा सकता है। इसके साथ ही आंखों के रोग, बुखार आदि में भी खसखस के फायदे मिलते हैं।
आपको बता दे की खसखस मूल रूप से एक तिलहन है जो खसखस (पेपर सोमनिफरम) के पौधे से प्राप्त किया जाता है। यह सच है कि इसके कच्चे बीजों में मॉर्फिन जैसे अल्फाइड होते हैं, एक दर्द निवारक जो लत का कारण भी बन सकता है, लेकिन इसके पके बीजों में यह कम मात्रा में होता है जो किसी भी तरह की लत का कारण नहीं बनता है।

खसखस के फायदे | khuskhus benefits ):

अब तक आप जान चुके होंगे कि खसखस क्या है, खसखस के गुण क्या हैं और देश-विदेश में अफीम को कितने नामों से जाना जाता है। अब खसखस के फायदे भी जान लीजिये :-

1). मुंह के छालें:

खसखस (khuskhus benefits in hindi) मुंह के छालों का प्राकृतिक उपचार के लिए आजमाया हुआ और परखा हुआ उपाय है। जिसे मुंह में छाले होने पर खाया जाता है। आयुर्वेद में इसे शरीर की गर्मी को कम करने वाला भोजन बताया गया है। अल्सर से राहत पाने के लिए इसे चीनी के साथ फोड़ लें। छाले कम होने लगेंगे।

2). कब्ज से राहत :

खसखस भी कब्ज में राहत दिलाने में मदद करता है। इसमें फाइबर की मात्रा अधिक होती है। जो कब्ज को रोकता है।

3). टूटी हड्डियों को ठीक करें

खसखस में पाए जाने वाले मुख्य तत्वों में कैल्शियम और फास्फोरस होते हैं। इन दोनों तत्वों में ऐसे गुण होते हैं जो हड्डियों के स्वास्थ्य में सुधार करते हैं। ये कोलेजन के निर्माण में प्रमुख भूमिका निभाते हैं, जो हड्डियों को नुकसान से बचाता है। इसलिए कहा जा सकता है कि खसखस खाने से हड्डियां मजबूत होती हैं।

खसखस का उपयोग और अन्य जानकारी

आइए अब जानते हैं कि खसखस का इस्तेमाल आप कितनी बीमारियों को ठीक करने के लिए कर सकते हैं। इसके औषधीय उपयोग, मात्रा और उपयोग के तरीके इस प्रकार हैं:-

खसखस के उपयोगी भाग

आपको खसखस के इन भागों का इस्तेमाल कर सकते हैंः-
  • खसखस की जड़
  • पौधे की जड़ (khus plant) से बना तेल

खसखस का इस्तेमाल कैसे करें?

खसखस के इस्तेमाल की मात्रा ये होनी चाहिएः-
  • खसखस का चूर्ण – 3-6 ग्राम
  • खसखस हिमफाण्ट – 25-50 मिली
  • खसखस का काढ़ा – 20-40 मिली
औषधी के रूप में खसखस का अधिक लाभ लेने के लिए आप इसका प्रयोग चिकित्सक के परामर्श के अनुसार ही करें।

खसखस कहां पाया या उगाया जाता है?

खसखस की खेती पूरे भारत के उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में की जाती है। यह प्रायः सूखी पड़ी भूमि, तालाब-पोखर, झील या नदी के किनारों पर होता है। इसके साथ ही यह दक्षिण भारत, बंगाल, राजस्थान एवं छोटा नागपुर इत्यादि स्थानों में भी पाया जाता है। यह 1200 मीटर की ऊंचाई तक मिलता है।

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