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धातु रोग की अंग्रेजी दवा का नाम क्या है?(What is the name of the English medicine for metal disease)

metal disease:धातु रोग की होम्योपैथिक दवा-धात गिरने का मतलब होता है वीर्य का अनैच्छिक रूप से निकलना, जो आम तौर पर नींद के दौरान या अन्य परिस्थितियां जैसे पेशाब या मल त्याग के दौरान होता है।

धातु रोग की अंग्रेजी दवा का नाम:-

  • OH!MAN Herb Mix Tablet
  • OH!MAN Dhat Treatment Pack
  • Chandraprabha Vati
  • Himalaya Tentex Forte Tablets
  • Himala Tentex Royal
  • Himalaya Kabuli
इनमें से किसी भी दवा का सेवन करने से पहले चिकित्सकीय परामर्श अवश्य लें. अपने धातु रोग की जांच की पुष्टि करें और डॉक्टर के सलाह के अनुसार दवा का सेवन करें.
metal disease

 

धातु रोग क्या है ?

धातु रोग की होम्योपैथिक दवा-धात गिरने का मतलब होता है वीर्य का अनैच्छिक रूप से निकलना, जो आम तौर पर नींद के दौरान या अन्य परिस्थितियां जैसे पेशाब या मल त्याग के दौरान होता है।
धातु  रोग कोई रोग नहीं है। वीर्य का शरीर से निकलना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है और इससे किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं होता है। इससे कई भ्रम जुड़े हुए हैं जैसे इसकी वजह से कमजोरी होना। मेडिकल विज्ञान में इन सब को गलत माना जाता है।
अक्सर लोग इसे पुरुषों की एक यौन समस्या मानते हैं, जिसमें बिना यौन उत्तेजना और संभोग के अनैच्छिक रूप से वीर्यपात होने लगता है। कुछ मामलों में वीर्य मूत्र से पहले निकल जाता है, या मूत्र से मिलकर भी निकलने लग जाता है। लेकिन सच यह है कि ऐसा होने पर कोई नुकसान नहीं होता है।
धातु रोग की होम्योपैथिक दवा, पतंजलि धातु रोग मेडिसिन, धातु रोग की आयुर्वेदिक दवा पतंजलि सब आती है. इन दवाओं का सेवन धातु रोग से निजात पाने में किया जा सकता है.

धातु रोग के लक्षण क्या है ?

धात गिरने के साथ कुछ लक्षण आमतौर पर देखे जाते हैं जैसे एकाग्रता में कमी, भूख कम लगना, कमर दर्द, थकान, डिप्रेशन, याददाश्त कमजोर होना, सुस्त आँखें, रात को पसीना आना, अंडकोष के आसपास पसीना आना, नम और गर्म त्वचा, गर्म और नम तलवे और हथेलियां, पेरिनेम में दर्द (गुदा या अंडकोष के बीच का क्षेत्र)।

धातु रोग के कारण क्या है ?

आयुर्वेद के अनुसार शुक्राणुशोथ तब होता है जब शरीर में “वात दोष” (वायु तत्व) और “पित्त दोष” (अग्नि तत्व) की गतिविधि में तीव्रता आ जाती है। घबराहट और चिंता की वजह से ये दोष बढ़ जाते हैं।
मेडिकल विज्ञान के अनुसार धात गिरना या वीर्य निकलना प्राकृतिक ही नहीं बलि अनिवार्य है। जैसे शरीर में बनने वाले अन्य तरल बाहर निकलते हैं, वैसे ही वीर्य का भी शरीर से बाहर निकलना जरुरी है। अगर आप हस्तमैथुन या सेक्स नहीं करते हैं, या आपको नाईटफॉल नहीं होता है, तो शरीर वीर्य को बाहर निकलने का कोई और तरीका खोज लेता है।
इसके कारणों से भी कई भ्रम जुड़े हुए हैं जैसे बार-बार हस्तमैथुन करना, सेक्सुअल विचार आना आदि। सच तो यह है कि एक उम्र के बाद यह सब एकदम स्वाभाविक ही नहीं बल्कि अनिवार्य भी है। अगर अपनी यौन इच्छाओं को दबाएंगे या यौन क्रियाओं से दूर रहेंगे तो इससे आपको उल्टा नुकसान हो सकता है, जैसे तनाव या डिप्रेशन होना।

धातु रोग का इलाज क्या-क्या है ?

धातु रोग कैसे ठीक करें?

यौन क्रियाएं करना (सेक्स या हस्तमैथुन)। साथ ही अगर आप मन में सेक्स, हस्तमैथुन आदि को गलत या बुरा मानते हैं, तो इन सब बातों को मन से निकाल दें। इसके विपरीत इन्हे स्वाभाविक और जरुरी मान कर अपनाएं और इनका आनंद लें।
इसके अलावे अपने यौन जीवन को बेहतर बनाने के लिए सही आहार और जीवनशैली अपनाएं, और योग या एक्सरसाइज करें। इसमें कीगल एक्सरसाइज खास तौर से कारगर हैं।

धात रोग के लिए सही जीवनशैली और आहार:-

  • ताज़ी सब्जियों और फलों से युक्त पौष्टिक और संतुलित आहार का सेवन करें
  • हल्का डिनर करें
  • मसालेदार भोजन खाने से बचें
  • शराब पीना कम या बंद करें
  • सोने से पहले पानी न पियें
  • सोने से पहले पेशाब कर लें
  • सोने के लिए एक सख्त गद्दे का उपयोग करें
  • सोते समय टाइट अंडरवियर या तंग कपड़े न पहनें
  • अपने जननांग क्षेत्र को साफ रखें
  • अगर कब्ज है तो उसका इलाज करवाएं
  • ठंडे पानी से नहाएं

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