Kabj ki dawa – कब्ज का रामबाण इलाज

kabj ki dawai :- आज हम इस पोस्ट में आपको बताएगे की kabj ki dawai कोनसी बेस्ट होती है और आपको इसके घरेलू इलाज भी बाएगे तो आइये शुरू करते है।

कब्ज क्या है?

आयुर्वेद के अनुसार, शरीर का संतुलन वात, पित्त, कफ के दोषों पर निर्भर करता है। इन असंतुलनों के कारण शरीर रोगों से घिर जाता है। खान-पान और जीवनशैली में लापरवाही के कारण जब आमाशय की आग धीमी हो जाती है, और भोजन सही समय पर ठीक से पच नहीं पाता है। इससे शरीर के दोष असंतुलित और दूषित हो जाते हैं और बीमारियों का कारण बनते हैं। कब्ज मुख्य रूप से वात दोष के खराब होने के कारण होता है, जिसके कारण मल शुष्क और कठोर हो जाता है। सही समय पर उत्सर्जन संभव नहीं है।

कब्ज के लक्षण

कब्ज के लक्षण इस प्रकार हैं

  • कब्ज में मल सख्त हो जाता है, जिससे मल त्याग में अधिक बल लगाना पड़ता है।
  • कब्ज से पीड़ित लोग रोजाना शौच के लिए नहीं जाते हैं, जिससे उनकी समस्या बढ़ जाती है और मल त्याग करने में परेशानी होती है।
  • ऐसे लोगों की जीभ सफेद या गंदी हो जाती है और मुंह का स्वाद भी खराब हो जाता है। साथ ही मुंह से बदबू भी आने लगती है।
  • कब्ज के रोगियों को मतली और उल्टी के साथ-साथ भूख नहीं लगती है।
  • बाथरूम जाने के बाद अधूरे मल त्याग का अहसास, पेट में सूजन या पेट में दर्द आदि भी कब्ज के लक्षणों में आते हैं।
  • कुंथन करने पर ही मलत्याग होना।
  • पेट में दर्द एवं भारीपन रहना।
  • पेट में गैस बनना।
  • मल का सख्त (कठोर) एवं सूखा होना।
  • सिर में दर्द रहना।
  • बदहजमी
  • बिना श्रम के ही आलस्य बने रहना।
  • पिण्डिलियों में दर्द रहना।
  • मुंह से दुर्गन्ध आना।
  • कब्ज के कारण मुँह में छाले होना भी एक आम समस्या है।
  • त्वचा में मुँहासे या फुंसियाँ होना।

कब्ज के कारण

कब्ज होने के कई कारण होते हैं :-

  • आहार में रेशेदार भोजन की कमी।
  • मैदे से बने मसालेदार और तली हुई मिर्च-मसालेदार भोजन का सेवन करना।
  • पानी कम पिएं या तरल पदार्थ का सेवन कम करें।
  • समय पर भोजन न करना
  • देर रात खाना।
  • देर रात तक जगने की आदत।
  • अत्यधिक मात्रा में चाय, कॉफी, तंबाकू या सिगरेट आदि का सेवन करना।
  • बिना भोजन पचाये पुनः भोजन करना।
  • एक चिंतित या तनावपूर्ण जीवन जीना।
  • हार्मोन असंतुलन या थायराइड की समस्या।
  • अधिक मात्रा में या लंबे समय तक दर्द निवारक दवाओं का उपयोग।

कब्ज की होम्योपैथिक दवा

कब्ज के इलाज (kabj ki dawai)के लिए प्राकृतिक उपचार को काफी समय से इस्तेमाल किया जा रह है, इसीलिए होम्योपैथी में भी इसपर ध्यान दिया जाता है। ब्रायोनिया एल्बा (Bryonia Alba), लाइकोपोडियम क्लैवाटम (Lycopodium Clavatum) और नक्स वोमिका (Nux Vomica) ऐसी होम्योपैथिक दवाएं हैं, जिन्हें कब्ज और कब्ज के लक्षणों के लिए इस्तेमाल किया जाता है और ये दवाएं काफी असरदार भी साबित हुई हैं।

कब्ज के घरेलू इलाज

ये घरेलू उपाय भी कब्ज के इलाज (Kabj ke Ilaj) में बहुत फायदा पहुंचाते हैंः-

  • रोज 2 चम्मच गुड़ गर्म दूध के साथ लें।
  • दूध में सूखे अंजीर को उबाल कर खाएं, और दूध को पी लें।
  • रात में सोने से पहले एक चम्मच त्रिफला चूर्ण को गर्म पानी के साथ लें।
  • सुबह उठकर नींबू के रस में काला नमक मिलाकर सेवन करें।
  • रात के भोजन में पपीता का सेवन करें।
  • एक गिलास गर्म दूध में दो चम्मच देसी घी डालकर सोने से पहले पिएं।
  • दस ग्राम इसबगोल की भूसी को सुबह-शाम पानी के साथ पिएं।

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कब्ज में परहेज

  • कब्ज के रोगी को दूध तथा पनीर का अधिक सेवन नहीं करना चाहिये।
  • मैदे से बनी चीजों को बिल्कुल ना खाएं।
  • अधिक तैलीय एवं मिर्च-मसालेदार वाले भोजन से दूर रहें।
  • कब्ज रोग में मुख्य रूप से वात को शान्त करने वाले आहार का सेवन करना चाहिये। शीतल गुण वाले आहार से बचना चाहिये। उष्ण गुण और अच्छे प्रकार पके हुए भोजन का सेवन करना चाहिये।

कब्ज में आपका आहार

कब्ज से राहत पाने के लिए आपका आहार कुछ इस तरह होना चाहिए (kabj ki dawai) :-

  • अधिक से अधिक फल, सब्जियां और रेशेदार आहार खाएं, क्योंकि फाइबर युक्त आहार की कमी भी कब्ज के मुख्य कारणों में से एक है। दैनिक आहार में 20-30 ग्राम। फाइबर होना चाहिए। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि ज्यादा फाइबर का सेवन करने से गैस और पेट फूलने की समस्या हो सकती है।
  • फलों में अंगूर, पपीता, खुबानी, अंजीर, अनानास और नाशपाती का अधिक सेवन करें। कब्ज की समस्या में ये फल फायदेमंद होते हैं।
  • सब्जियों में हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पत्ता गोभी, गाजर, ब्रोकली और पालक का सेवन करें।
  • रोजाना कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं और खूब सारे तरल पदार्थ पिएं।
  • गेंहू के आटे को पिसे हुए चने के साथ मिलाकर खाएं।

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कब्ज की रोकथाम

कब्ज को रोकने के लिए निम्नलिखित उपाय किए जा सकते हैं –

  • फाइबर युक्त भोजन करें। अच्छे स्रोत फल, सब्जियां, फलियां और साबुत अनाज हैं।
  • खूब पानी और अन्य तरल पदार्थ पिएं। मल त्याग को नियमित रखने के लिए फाइबर और पानी एक साथ काम करते हैं।
  • कैफीन से बचें। चाय और कॉफी डिहाइड्रेटिंग हो सकती है।
  • दूध पीना कम करें। डेयरी उत्पाद कुछ लोगों में कब्ज पैदा कर सकते हैं।
  • नियमित रूप से व्यायाम करें। हर दिन कम से कम 30 मिनट के लिए सक्रिय रहें।
  • जब दबाव बन जाए तो शौचालय में जाएं, उसे रोकें नहीं।

अंतिम शब्द :- आशा है आपको kabj ki dawai की पूरी जानकारी मिली होगी धन्यवाद।

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