Methi Se Garbhpat Kaise Kare – प्रेगनैंसी में मेथी के फायदे-नुकसान

Fenugreek abortion :-अगर इसका अधिक मात्रा में सेवन किया जाए तो यह आपके लिए काफी खतरनाक भी साबित हो सकता है।वहीं, इससे गर्भवती महिलाओं का गर्भपात भी हो सकता है।

Fenugreek abortion
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मेथी से गर्भपात कैसे करें?

हम अपने दैनिक जीवन में कई प्रकार की शारीरिक समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए मेथी के दानों का उपयोग करते हैं।  मेथी के बीज का उपयोग कोलेस्ट्रॉल से लेकर मधुमेह तक को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है।  इसके साथ ही यह पाचन तंत्र को ठीक करने, भूख बढ़ाने आदि समस्याओं में भी काफी कारगर साबित होता है। लेकिन ऐसा नहीं है कि यह सिर्फ आपके शरीर को फायदा पहुंचाता है, यानी अगर इसका अधिक मात्रा में सेवन किया जाए तो यह आपके लिए भी साबित हो सकता है। काफी खतरनाक हो। वहीं, इससे गर्भवती महिलाओं का गर्भपात भी हो सकता है। ऐसे में आज हम अपने लेख में आपको बताएंगे कि मेथी दाना  के अधिक सेवन से क्या-क्या समस्याएं हो सकती हैं।

मेथी से भूख का लगाना

कहावत तो आपने सुनी ही होगी कि हर चीज की अति पीड़ादायक होती है, उसी तरह मेथी का अधिक मात्रा में सेवन करना आपके लिए काफी नुकसानदायक भी हो सकता है।  कई शोधों में यह बात सामने आई है कि अधिक मात्रा में मेथी दाना  के सेवन से आपकी भूख खत्म हो जाती है, यानी इससे आपको भूख नहीं लगती है। भूख न लगने की वजह से आपके शरीर को जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं। अगर आप इसका ज्यादा सेवन करते हैं तो आपको ईटिंग डिसऑर्डर की समस्या भी हो जाती है।

गर्भपात की संभावना

Fenugreek abortion :- यदि आप गर्भवती हैं, तो आवश्यकता से अधिक मेथी दाना मेथी का सेवन करने से गर्भ में पल रहे बच्चे पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।  इतना ही नहीं इससे आपके गर्भपात की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है।  दरअसल, मेथी के बीज में सैपोनिन नाम का तत्व पाया जाता है जो गर्भपात का कारण बनता है।  इसके अलावा भले ही आप प्रेग्नेंट न हों लेकिन अगर आपके पीरियड्स चल रहे हैं तो भी  के दाना मेथी के सेवन से बचें।  मेथी के बीज में मौजूद सैपोनिन अधिक रक्तस्राव का कारण बनते हैं।

अपचत की समस्या

मेथी के बीज का अत्यधिक सेवन आपके पाचन तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।  इससे आपको पेट दर्द, दस्त, अपच और घबराहट जैसी शारीरिक समस्याएं हो सकती हैं।  इसलिए अपने पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने के लिए आप मेथी के दानों का सेवन थोड़ा और सोच समझ कर करें।

Fenugreek abortion
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जी मचलना :- मेथी का उपयोग आमतौर पर अगर दो से पांच ग्राम मेथी के दानों का सेवन दिन में दो बार किया जाए तो यह आपको किसी भी तरह से नुकसान नहीं पहुंचाता है, लेकिन अगर आप एक दिन में करीब 100 ग्राम मेथी दाना का सेवन करते हैं तो यह आपको जीने में मदद करेगा।  जी मिचलाने की शिकायत हो सकती है।  इसलिए अगर आपको मेथी दाना खाने के बाद जी मिचलाना या उल्टी जैसा महसूस हो रहा है तो आप इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करें।

प्रेग्‍नेंसी में मेथीदाना खाने के फायदे

  • गर्भावस्‍था के दौरान मेथीदाने का सेवन करने से डिलीवरी के बाद महिलाओं के स्‍तन में पर्याप्‍त दूध आता है.
  • अगर आपको भी डिलीवरी का दर्द सता रहा है तो सीमित मात्रा में मेथीदाना जरूर खाएं. यह प्रसव पीड़ा को कम करने में मदद करती है.
  • मेथीदाना ब्‍लड शुगर लेवल को संतुलित रखता है जिससे प्रेग्‍नेंसी में मधुमेह से बचाव मिलता है.

प्रेग्‍नेंसी में मेथीदाना खाने के नुकसान

प्रेगनेंसी में मेथी का अधिक सेवन करना, गर्भाशय संकुचन के लक्षण दिखा सकता हैं. मेथी उन जड़ी-बूटियों में शामिल है, जिन्हें गर्भाशय उत्तेजक माना जाता है. इनका सेवन गर्भावस्था के अंतिम चरण में प्रसव यानी लेबर को प्रेरित करने के लिए किया जाता है.

  • प्रेगनेंसी में मेथी का अधिक मात्रा में सेवन करना गर्भवती के पाचन तंत्र पर असर कर सकता है.
  • गर्भावस्था में अधिक मेथीदाना खाने की वजह से पेट फूलने, गैस, दस्‍त और मतली हो सकती है. इससे शिशु में कोई जन्‍म विकार भी हो सकता है.
  • गर्भावस्था में अधिक मेथी खाने के नुकसान एलर्जी के रूप में भी सामने आ सकते हैं. मेथी का सेवन श्वास से जुड़ी एलर्जी जैसे बंद नाक और खांसी का कारण बन सकता है.

गर्भपात की गोली का उपयोग कैसे करें?

  • महिलाओं को दो अलग-अलग तरह की गोलियां खानी पड़ती हैं।  पहली गोली लेने के 36-48 घंटे बाद डॉक्टर की देखरेख में दूसरी गोली लेने के लिए दोबारा डॉक्टर के पास आना पड़ता है।
  • पहली गोली गर्भाशय को गर्भपात के लिए तैयार करती है।  आपको बता दें कि गर्भाशय ग्रीवा गर्भ में विकासशील भ्रूण को सहारा देती है और यह दवा उस गर्भाशय ग्रीवा को नरम करती है।  इसके अलावा, यह प्रोजेस्टेरोन को रोकता है और गर्भाशय की सतह को तोड़ता है।  वहीं दूसरी ओर दूसरी गोली गर्भाशय को सिकोड़ने में मदद करती है, जिससे भ्रूण के साथ गर्भाशय की परत बाहर आ जाती है।
  • आमतौर पर गर्भावस्था के शुरुआती हफ्तों में गर्भपात की गोलियों की सलाह दी जाती है, जिसके बाद सर्जिकल गर्भपात को उचित माना जाता है।  हालांकि मेडिकल गर्भपात गर्भावस्था के 20 सप्ताह तक वैध है, लेकिन एमटीपी अधिनियम के अनुसार 12 सप्ताह के बाद आप कम से कम दो स्त्री रोग विशेषज्ञों से सलाह लेने के बाद ही ऐसा कर सकती हैं।

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गर्भपात के बाद देखभाल

  • एमटीपी होने के दो हफ्ते बाद अल्ट्रासाउंड करवाएं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि गर्भपात ठीक से हुआ है या नहीं।
  • अगर गर्भपात की गोली फेल हो गई हो या भारी रक्तस्राव हो रहा हो तो वैक्यूम एस्पिरेशन द्वारा गर्भपात के लिए तैयार रहें।
  • अगर आपको एक घंटे में दो बार से ज्यादा पैड बदलना पड़े या ज्यादा ब्लीडिंग के साथ बुखार और ऐंठन की समस्या हो तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।
  • अगर गर्भपात के बाद बुखार खत्म नहीं हो रहा है तो यह दर्शाता है कि संक्रमण है और इसे दवाओं की मदद से ठीक करने की जरूरत है।
  • सेक्स तक ब्लीडिंग पूरी तरह से बंद न हो जाए तब तक सेक्स से परहेज करें।
  • गर्भनिरोधक: यह सुनिश्चित हो जाने के बाद कि गर्भपात ठीक से हुआ है, उसके बाद आप आईयूडी जैसे गर्भनिरोधक का उपयोग कर सकती हैं।हालांकि, अगर संक्रमण मौजूद है तो ऐसा न करें।
  • गर्भपात के बाद जब महिलाएं सेक्सुअली एक्टिव हो जाती हैं तो उस दौरान कंडोम का इस्तेमाल किया जा सकता है।

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इलायची से गर्भपात कैसे करे?

इलायची के पाउडर को शहद में मिलाकर भी सेवन किया जा सकता है. – ये भी कहा जाता है कि अगर महिलाएं इसका सेवन करें तो गर्भपात होने की भी संभावना कम हो जाती है. – डॉक्‍टर भी सलाह देते हैं कि दूध पीने के बाद इलायची का सेवन करना चाहिए।

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काली चाय से गर्भ कैसे गिराए?

ब्लैक टी का प्रयोग करके आप आसानी से गर्भपात कर सकते हो। यह शरीर में बहुत अधिक गर्मी पैदा करती है जिसकी वजह से गर्भ गिर जाता है। इसे तैयार करने के लिए सबसे पहले आपको तीन गिलास पानी चायदानी में लेकर गर्म करना होगा। गर्म होने के बाद आप इसमें 20 ग्राम चाय पत्ती डाल दें।

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गर्भपात के लिए तुलसी का काढ़ा कैसे बनाये?

गर्भपात के लिए रोजाना गर्म पानी से नहाये. इसके अलावा तुलसी के पत्ते ( Basil leaves ) का काढ़ा पीने से भी गर्भपात हो जाता है. – असुरक्षित सेक्स करने के तुरंत बाद स्त्री को खड़ा होकर तुरंत ही अपनी योनी अच्छी तरह साफ़ कर लेना चाहिए. इससे बच्चा होने का खतरा कम हो जाता है।

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निष्कर्ष – Fenugreek abortion :- अब तो आप जान गए होंगे कि मेथी का गर्भपात केसे करें। इसके बारें में काफी अच्छी तरह से बताया गया है ताकि आप अच्छी तरह से समझ सकें। यह आर्टिकल आपको कैसा लगा हमे कॉमेंट करके जरूर बताई गा।

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