बवासीर की घरेलु दवा और वबासीर के पहरेज

Hemorrhoids medicine :- आज आपको इस पोस्ट में बताने जा रहे है बवासीर की दवा(Hemorrhoids medicine) तथा वबासीर के पहरेज रखने चाहिए और क्या नहीं यह पोस्ट पूरा देखने के बाद आपको बवासीर की दवा(Hemorrhoids medicine) और वबासीर के पहरेज के बारे में आपको पता चल जाएगा 

बवासीर को पाइल्स या बवासीर भी कहा जाता है। बवासीर एक ऐसी बीमारी है जो बहुत ही दर्दनाक होती है। इसमें गुदा के अंदर और बाहर और मलाशय के निचले हिस्से में सूजन आ जाती है। इस वजह से मस्से गुदा के अंदर और बाहर या फिर किसी एक जगह बन जाते हैं। मस्से कभी अंदर रह जाते हैं तो कभी बाहर आ जाते हैं।। पाइल्स का सही समय पर इलाज कराना मरीज के लिए बहुत जरूरी होता है। अगर बवासीर का समय पर इलाज न किया जाए तो दर्द काफी बढ़ जाता है।

बवासीर कितने प्रकार के होते है?

बवासीर को पाइल्स या बवासीर भी कहा जाता है। बवासीर एक ऐसी बीमारी है जो बहुत ही दर्दनाक होती है। इसमें गुदा के अंदर और बाहर और मलाशय के निचले हिस्से में सूजन आ जाती है। इस वजह से मस्से गुदा के अंदर और बाहर या फिर किसी एक जगह बन जाते हैं। मस्से कभी अंदर रह जाते हैं तो कभी बाहर आ जाते हैं।। पाइल्स का सही समय पर इलाज कराना मरीज के लिए बहुत जरूरी होता है। अगर बवासीर का समय पर इलाज न किया जाए तो दर्द काफी बढ़ जाता है।   बबासीर दो प्रकार के होते है

1.खूनी बवासीर

2.बादी बवासीर

बवासीर के लक्षण क्या हैं?

जब कोई व्यक्ति बवासीर की स्थिति से पीड़ित होता है तो उसे निम्नलिखित लक्षणों और संकेतों का अनुभव हो सकता है। ये इस बात पर भी निर्भर हो सकता है कि व्यक्ति किस प्रकार के हेमोर्रोइड से पीड़ित है।

1.एक्सटर्नल बवासीर: इस प्रकार के बवासीर, गुदा(एनस) के पास की त्वचा के नीचे होती है। अनुभव किए गए लक्षण हैं:

  • एक व्यक्ति को ब्लीडिंग हो सकती है।
  • व्यक्ति के गुदा(एनस) के आसपास सूजन हो सकती है।
  • कष्ट और असुविधा भी हो सकती है।
  • एक व्यक्ति को गुदा(एनस) स्थान में खुजली और जलन महसूस हो सकती है।

2.इंटरनल बवासीर: इस प्रकार के बवासीर, व्यक्ति के मलाशय(रेक्टम) में मौजूद होती है। उन्हें देखा या महसूस नहीं किया जा सकता है। जब कोई व्यक्ति मल त्याग कर रहा हो तो कुछ दर्द रहित ब्लीडिंग हो सकती है।

3.थ्रोम्बोस्ड बवासीर: इस प्रकार के बवासीर के संकेत और लक्षण हैं:

  • सूजन
  • गुदा(एनस) के पास एक गांठ
  • सूजन
  • गंभीर दर्द

बवासीर की घरेलु दवा

इसके इलाज में कुछ आयुर्वेदिक दवाएं काफी मददगार होती हैं। इनके सेवन से बवासीर से पूरी तरह छुटकारा पाया जा सकता है।

बवासीर की घरेलु दवा छाछ और जीरा –बवासीर को जल्द से जल्द ठीक करने का यह सबसे अच्छा उपाय है. दो लीटर छाछ में पचास ग्राम जरी मिलाकर जब भी प्यास लगे पानी की जगह इस मिश्रण को पी लें। तीन से चार दिनों में लाभ दिखने लगेगा। आप छाछ की जगह पानी का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए एक गिलास पानी में आधा चम्मच छोड़ा हुआ चूर्ण मिलाकर पिएं।

बवासीर की घरेलु दवा इसबगोल –इसबगोल की भूसी खाने से पेट साफ रहता है और मल की कठोरता कम हो जाती है। इससे बवासीर में दर्द नहीं होता है।

बवासीर की घरेलु दवा बड़ी इलायची –50 ग्राम बड़ी इलायची लेकर तवे पर भून लें. – जब इलायची भूनते समय जल जाए तो इसे तवे से उतार कर ठंडा होने के लिए अलग रख दें. रोज सुबह खाली पेट इस चूर्ण के साथ पानी पिएं। जल्द ही बवासीर ठीक हो जाएगी।

बवासीर की घरेलु दवा किशमिश –रात को सोते समय 100 ग्राम किशमिश पानी में भिगो दें। सुबह उठने के बाद इसे पानी में ही मसल लें और इस पानी का रोजाना सेवन करें। बवासीर रोग में यह बहुत ही लाभकारी नुस्खा है।

बवासीर की घरेलु दवा जामुन –जामुन और आम की गुठली खूनी बवासीर में बहुत उपयोगी होती है। जामुन और आम की गुठली का भीतरी भाग निकाल कर धूप में सुखाकर उसका चूर्ण बना लें। इस चूर्ण का एक चम्मच गुनगुने पानी या छाछ के साथ लें। बवासीर में बहुत फायदा होगा।

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बवासीर में क्या खाना चाहिए

  • एंटीऑक्सीडेंट और पोषक तत्वों से भरपूर फल मल त्याग को नियंत्रित करते हैं। बवासीर से परेशान लोगों के लिए सेब, अंगूर, प्रून और जामुन जैसे फलों को छिलके सहित खाना बहुत फायदेमंद है। ये सभी फल फाइबर, विटामिन और मिनरल से भरपूर हैं, जो स्वास्थ्य के लिए भी अच्छे हैं।
  • बवासीर के लिए सही आहार में ढेर सारा पानी शामिल होना चाहिए। यह मल को नरम बनाकर बवासीर को निसंत्रित करने में मदद करता है। इतना ही नहीं पानी पीने से शरीर में पानी की कमी पूरी हो जाती है, इसलिए पाइल्स वाले व्यक्ति को हर दिन कम से कम 3 लीटर पानी जरूर पीना चाहिए।
  • हाइड्रेट रहने के लिए दिनभर में अलग-अलग तरह के जूस पीएं। ये न केवल विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालेंगे, बल्कि इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट सूजन और दर्द को भी कम करेंगे। ब्लूबेरी, ब्लैकबेरी और चेरी जैसे फल मलाशय और गुदा में मौजूद नसों में मजबूत करने का काम करते हैं। इसलिए इन फलों का रस जरूर पीएं।

BP Meaning in English – इंग्लिश बीपी (English BP)

बवासीर में क्या नहीं खाना चाहिए?

कई लोगों में कब्ज की वजह से बवासीर की समस्या हो जाती है, ऐसे में निम्न में से कुछ आहार का सेवन नहीं करना चाहिए।

  • अगर किसी व्यक्ति को बवासीर है तो उसे आइसक्रीम नहीं खानी चाहिए।
  • पैकेज्ड फूड खाने से बचें।बवासीर से पीड़ित लोगों को पनीर का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • बाहर का जंक फूड या चिप्स का सेवन न करें।
  • मैदा वाली चीजों के सेवन से परहेज करें।
  • तेल और मसाले से भरपूर भोजन न करें।  

मस्से की क्रीम का नाम क्या है?

Wartosin शरीर पर किसी भी मस्से को कुछ ही दिनों में पूरी तरह से हटाने के लिए एक अनूठा आयुर्वेदिक समाधान है.

बवासीर की सबसे अच्छी दवा कौन सी है?

थोड़ा सा एलोवेरा जेल (Aloevera Gel With Haldi) में एक चम्मच हल्दी पाउडर मिलाएं. रात मैं नियमित रूप से सोने के समय आपको अपनी गुदा पर बवासीर वाली जगह पर इस लेप को लगाना है. दो हफ्तों तक लगातार ऐसा करें. इससे आपको बवासीर से जल्द ही राहत मिलेगी.

अंतिम शब्द

आज आपको इस पोस्ट में आपको बवासीर की दवा के बारे में बताया है और वबासीर के पहरेज के बारे में जानकारी  दी है यह पोस्ट आपको केसा लगा कमेंट करके जरूर बताये और आपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे कमेंट करना न भूले |

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